नमस्कार ब्लौगर मित्रों. मुझे ब्लौग जगत में आये हुए लगभग एक साल होनेवाला है. इस बीच मैंने कई सारे ब्लौग बनाये और उनमें से ज्यादातर को डिलीट कर दिया या वे अब मुझे याद भी नहीं हैं. वर्डप्रेस पर मेरा हिंदीज़ेन ब्लौग बहुत पसंद किया जा रहा है जिसमें मैं बोध कथाएँ और प्रेरक प्रसंग आदि पोस्ट करता रहता हूँ.
इस ब्लौग को शुरू करने का कारण यह है कि बोध कथाएँ और प्रेरक प्रसंगों को पोस्ट करने के अतिरिक्त भी मैं बहुत सारे विषयों पर पोस्ट करना चाहता हूँ, जिसके लिए हिंदीज़ेन ब्लौग उपयुक्त स्थान नहीं है. यह बात मेरे कुछ टिप्पणीकार मित्रों द्वारा मुझे समझाई गई और जिसका मैं समर्थन करता हूँ. ऐसा नहीं हैं कि हिंदीज़ेन पर मैं गंभीरता भरे लेख प्रस्तुत करता हूँ तो इस ब्लौग पर मैं चिरकुटाई करने लगूंगा... लेकिन जीवन में कोरी गंभीरता ही हो तो वह बहुत फीका हो जायेगा, इसलिए सोचा कि इस ब्लौग पर लोगों को पसंद आने वाले विषयों, अपनी मन की बातों, और कुछ हंसी-मजाक के साथ काम करूँगा.
यह ब्लौग कुछ समय से मौजूद था लेकिन इसे कस्टम डोमेन पर ले लिया है. पहले सोचा कि वर्डप्रेस.ऑर्ग पर ले लें लेकिन हमें कौन से विज्ञापन से लाखों मिलेंगे! तो तय किया कि अपना ब्लागस्पाट ही भला है, इसमें काम करने में वाकई ज्यादा सुभीता होता है. अब ये ब्लौग बना ही लिए हैं तो एक-दो दिन में इसमें चाभी देने लगेंगे.
उम्मीद करता हूँ कि ये ब्लौग भी आपका प्रेम पाता रहेगा.
इस ब्लौग को शुरू करने का कारण यह है कि बोध कथाएँ और प्रेरक प्रसंगों को पोस्ट करने के अतिरिक्त भी मैं बहुत सारे विषयों पर पोस्ट करना चाहता हूँ, जिसके लिए हिंदीज़ेन ब्लौग उपयुक्त स्थान नहीं है. यह बात मेरे कुछ टिप्पणीकार मित्रों द्वारा मुझे समझाई गई और जिसका मैं समर्थन करता हूँ. ऐसा नहीं हैं कि हिंदीज़ेन पर मैं गंभीरता भरे लेख प्रस्तुत करता हूँ तो इस ब्लौग पर मैं चिरकुटाई करने लगूंगा... लेकिन जीवन में कोरी गंभीरता ही हो तो वह बहुत फीका हो जायेगा, इसलिए सोचा कि इस ब्लौग पर लोगों को पसंद आने वाले विषयों, अपनी मन की बातों, और कुछ हंसी-मजाक के साथ काम करूँगा.
यह ब्लौग कुछ समय से मौजूद था लेकिन इसे कस्टम डोमेन पर ले लिया है. पहले सोचा कि वर्डप्रेस.ऑर्ग पर ले लें लेकिन हमें कौन से विज्ञापन से लाखों मिलेंगे! तो तय किया कि अपना ब्लागस्पाट ही भला है, इसमें काम करने में वाकई ज्यादा सुभीता होता है. अब ये ब्लौग बना ही लिए हैं तो एक-दो दिन में इसमें चाभी देने लगेंगे.
उम्मीद करता हूँ कि ये ब्लौग भी आपका प्रेम पाता रहेगा.










8 comments:
निशांत जी मैं भी तीन चिट्ठै (एक ब्लॉगर और दो वर्डप्रेस) पर चलाता हूं। कभी कभी मन करता है कि एक ही कर लूं तीन चिट्ठे चलाने में कुऴ मुश्किल सी लगती है।
दुसरे ब्लॉग में रोज आना - जाना रहता है ...नए में भी लगा ही रहेगा ..शुभकामनायें
स्वागत है आपके इस चिट्ठे का भी. अब इस पर तो पहेली बुझवाओ. :)
प्रिय निशांत, हिंदीज़ेन बेहद प्यारा ब्लॉग है । अच्छा लग रहा है कि तुम अपना परिदृश्य बढ़ा रहे हो । शुभकामनाएं ।
कोई जगह तो है मेरे सपनों के लिये ,वो घरोन्दा ही सही मिट्टी का भी घर होता है (दुष्यंत) बढते रहो भाई.. शरद
आपके इस चिट्ठे के लिये आपको शुभकामनायें । नियमितता बनी रहेगी तो सब कुछ सहज हो जायेगा, और चिट्ठाजगत के प्रेम के अधिकारी तो आप हैं ही ।
आप वर्ड प्रेस की काफी तारीफ कर रहे थे, फिर ब्लॉगर पर क्यों आना हुआ।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }
जाकिर भाई, वर्डप्रेस अभी भी मेरी पहली पसंद है लेकिन इस दफा ब्लौगर पर आने के ये तीन कारण थे:-
१. यह जावास्क्रिप्ट को लगाने की इजाज़त देता है.
२. यह टेम्पलेट बदलने की इजाज़त देता है.
३. देर-सबेर यह ऐडसेंस की इजाज़त दे देगा.
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